एयरोस्पेस इंजीनियरिंग(Aerospace engineering) में करियर, Career in Aerospace engineering in Hindi.
एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में करियर:- एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के अंतर्गत उड़ने वाली मशीनों के डिजाइन और निर्माण से सम्बंधित काम किया जाता है. यह इंजीनियरिंग की नवीनतम शाखाओं में से एक है. 19 वीं शताब्दी में संचालित उड़ान(पावर्ड फ्लाईट) में इसका पहली बार प्रयोग किया गया और तभी से यह अस्तित्व में आया.एयरोस्पेस इंजीनियरिंग (Aerospace engineering) विमान और अंतरिक्ष यान के विकास से संबंधित इंजीनियरिंग का प्राथमिक क्षेत्र है।। इसका आमतौर पर मतलब हवाई जहाज, उपग्रहों, रॉकेट या अंतरिक्ष यान के विकास के अध्ययन से होता हैं। इसमें दो प्रमुख और अतिव्यापी शाखाएं हैं:- 1 एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग 2एस्ट्रोनॉटिकल इंजीनियरिंग। शाखाएं:- (1)एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग (Aeronautical engineering) एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में उन वाहनों के विकास का अधयन किया जाता है जो पृथ्वी के वायुमंडल में उड़ते है और जिन पर वायुमंडल दाब कार्य करता हैं। जैसे- हेलीकॉप्टर, विमान आदि। इन सभी पर उड़ते समय वायुमंडल का दाब कार्य करता है तथा घर्षण जैसे करको को इस इंजीनियरिंग में संतुलित करने का अधयन कराया जाता ह...
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